*जय भीम जय भारत*
बेगूसराय जिला में भारत के मूलनिवासी महापुरुषों की विचारधारा को फ़ैलाने के लिए अच्छे टीम की जरूरत है चाहे वो किसी भी संघ संगठन से हो,हम सबको मिलकर एक टीम ऐसा तैयार करना चाहिए की जो एक्टिव हो, समाज के प्रति, जहां बुलाया जाए वहां वो अपनी 15-20 लोगों की टीम लेकर पहुंच जाए।
जिला बेगूसराय में एक्टिव टीम बनाने के साथ साथ , हमें एक अच्छे वकील की भी जरूरत होगी, जो समाज का वकील हो, 'दलाल नहीं' समाज का डाक्टर हो , ''दलाल नहीं"
तब जाकर हम लोगों को जागरूक करने के साथ साथ शारीरिक मदद भी कर सकते हैं कि उसके साथ किसी प्रकार की घटना होने पर वहां पहुंचा जा सकें।।
अम्बेडकरवादी बनना और उसपर चलना हर किसी की बात नहीं होती है,
बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अम्बेडकरवादी बनने के लिए घर में रखा खाने का थाली कभी कभी खाली भी मिल सकता है।
कभी कभी साइकिल या पैदल भी आना पड़ सकता है।
मां बाप भाई बहन बिमार है उसको उसकी हालत पर छोड़कर दूसरे के दुःख में जाना भी पड़ सकता है।
इसलिए साथियों जिला बेगूसराय में ऐसे लोगों को एक टीम बनाकर समाज में छोड़ना होगा जो इन सभी कुर्बानियों को झेल सकता हो।
वरना हम न्यूज और धरना कर रह जाएंगे कि आज उसकी हत्या हो गई है,
आज उसकी बेटी का बलात्कार कर दिया है।
*बिना कुर्बानी क्रांति नहीं आती है*

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